Wednesday, March 11, 2015

पोलखोल इंडिया ...
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India's first bilingual magazine

Friday, August 23, 2013

रति :  A Violent Love Story

रति एक बेहद  खुबसूरत लडकी ,सूरज  भी जितना खूबसूरत उतना ही संजीदा ,शर्मीला ,बफादार .दोनों एक  -दुसरे से बेहद प्यार करते थे , ,रति और सूरज वर्षो अपनी दुनिया में रहे ,एक साथ गाँव की गलियों में घूमे,सावन के झूले झूले ,फिर शहर आये कालेज गए इस बीच उनका प्यार परवान चढ़ता गया ,जैसा की हमेशा होता है सामाजिक लडाइयां शुरू हुई ,लाठी ,फरसे ,गोलियां चली ,बाबजूद इसके प्यार कम नहीं हुआ.इन वर्षो में रति समझ चुकी थी कि सूरज इस बेरहम समाज से टक्कर नहीं ले पायेगा .क्योकि रति के घर वालो का सूरज पर शिकंजा कस चुका है ,उसकी जान खतरे में है , बस यही से रति के प्यार की परीक्षा शुरू हो जाती है ,और सूरज पर जुल्म ................सूरज एक दुसरे शहर आ जाता है ,उसके घर वाले उसकी शादी कर देते है ,लेकिन रति सूरज के प्यार में पागल हो जाती है और अपनी शेष जिंदगी मेंटल हास्पीटल मेंसूरज के लिखे खतों के साथ  गुजारती है ,जहाँ उसके कुछ नए दोस्त भी  बनते है ,घर वाले भी कभी कभार वहा आते है .दोस्तों इसके बाद रति का क्या होता है ........?
माही गुप्ता  



Monday, April 8, 2013

पोलखोल इंडिया ..........India's first bilingual magazine

My Chambal

चंबल घाटी में खुल रहे हैं पर्यटन के द्वार

कई दशकों तक डाकुओं की शरणस्थली रही चंबल घाटी अब पर्यटन का एक आकर्षक केन्द्र बनने जा रही है.यहां पर्यटक बीहड़ों की भूल-भुलैया में जाकर न केवल पुरानी दस्यु संस्कृति को टटोल सकेंगें, बल्कि यहां के सदियों पुराने पुरा महत्व के बटटेशुरा, मितवाली, पड़ावली और ककनमठ मंदिरों को नजदीक से देख सकेंगे.   
मुरैना में प्राचीनकाल के ये मंदिर स्थापत्य काल के बेजोड़ नमूने हैं. डाकुओं के आतंक का पर्याय रहे चंबल के बीहड़ हमेशा से आम आदमी के लिए कौतूहल का विषय रहे हैं, लेकिन अब यहां हालात बदल गये हैं.
यहां के चंबल अभ्यारण्य और उसमें शुरू हुए नौकायन और हाल ही में मुरैना में बनाए गए आलीशान पुरातत्व भवन और उसमें पुरातत्व महत्व की प्रतिमाओं ने पर्यटकों को अपनी ओर खींचना शुरू कर दिया है.
चंबल में पर्यटन की अपार संभावनाओं के चलते मुरैना के सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर ने जिले के पर्यटन केन्द्रों को निखारने और चंबल की कुख्याति को खत्म करने के लिये पहल की है.
डाकुओं के कारनामों से थर्राती यह घाटी पर्यटकों को अपनी ओर तेजी से खींच रही है.गौरतलब है कि मध्यप्रदेश ने वर्ष 1979 में इसे चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य घोषित किया था. कुल 425 वर्ग किलोमीटर में फैले क्षेत्र में विशेष तौर पर घड़ियालों का संरक्षण किया जाता है.वैसे नदी में डाल्फिन, कछुआ, मगरमच्छ, ऊदबिलाव और अन्य जलीय जीव और प्रवासी पक्षी यहां का मुख्य आकषर्ण हैं.

Tuesday, October 23, 2012

गरबा ..................................................


Saturday, July 14, 2012

एक आइडिया जो बदल दे ग्वालियर................... !

महापौर समीक्षा गुप्ता प्रोजेक्ट देखती हुई
क्या आपके पास है वो आइडिया ? , तो देर क्यों लिख भेजे
-आपका आइडिया बदल सकता है ग्वालियर की तस्वीर
-10 सर्वश्रेष्ठ आइडिया के मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
- आपका आइडिया भेजा जाएगा प्रदेश सरकार को
- कोई भी ले सकता है भाग

ग्वालियर : ग्वालियर लगातार मेट्रो सिटी की ओर बढ़ रहा है , एक तरफ विकास और तरक्की के नए पैमाने गढ़ें जा रहे हैं तो दूसरी तरफ बेकाबू आबादी, प्रदूषण, गंदगी और बीमारी के नए मर्कज भी बन रहे हैं. गांवों से बढ़ता पलायन और बिना किसी नापजोख के चल रहा शहरीकरण इस शहर की कैसी तस्वीर बना रहा है,आज हमारे सामने यह सबसे बड़ा मुद्दा है.
हमारा यह मानना है कि शहरीकरण का मतलब ही हो गया है रफ्तार. रफ्तार का मतलब है वाहन. और वाहन हैं कि विदेशी मुद्रा भंडार से खरीदे गए ईंधन को पी रहे हैं और बदले में दे रहे हैं दूषित हवा. शहर का मतलब है उद्योगीकरण ना कि अनियोजित कारखानों की भरमार ,नतीजा यह हुआ है कि शहर  की दोनों प्रमुख नदियां जहरीली हो चुकी हैं. नदी थी खेती के लिए, मछली के लिए, दैनिक कार्यों के लिए, न कि गंदगी सोखने के लिए.साल दर साल बढ़ती गर्मी, फैलता जलसंकट और मरीजों से पटते अस्पताल. इसी तरह की तमाम और समस्याएं हैं जो दिनोंदिन चिंता का विषय बनती जा रही हैं.अब इन समस्याओं कैसे कम किया जाए इसके लिए आपका एक सुझाव आपके ग्वालियर शहर के लिए संजीवन बूटी का कॉम कर सकता है .तो देर किस बात की उठाइये कलम ओर लिख भेजिए अपना खूबसूरत सुझाव ............................

आपको ये करना है :

एक आइडिया जो बदल दे ग्वालियर टैग लाइन को ध्यान में रखकर आपके पास जो भी सुझाव (आइडिया) हो वह हमें १०० शब्दों से लेकर ५०० शब्दों तक लिख कर या ई – मेल के माध्यम से हमें भेजे,हम आपके सुझाव (आइडिया) को जिला प्रशासन ओर प्रदेश सरकार के पास तक पहुचायेंगे.यही नहीं १० सर्वश्रेष्ठ आइडिया को पुरस्कार ओर प्रमाण पत्र भी दिए जायेंगे .

अपना फोटो ओर डिटेल भी दें :

सम्बंधित लेख के साथ आप अपना एक पीपी फोटो ओर अपने बारे में आवश्यक जानकारी भी लिखे ताकि चयन होने पर आपका आइडिया फोटो के साथ समाचार पत्र,न्यूज़ वेवसाइट पर फोटो सहित प्रकाशित किया जा सके .
अधिक जानकारी के लिए इन नंबरों को डायल करें :
09826087730
09425670196
07512231566

यहां भेजे :

1-इंडिया शाम तक (सांध्य दैनिक )
196 ,शारदा बिहार ,न्यू हाईकोर्ट के पास
ग्वालियर (मप्र)
2- पोलखोल डॉटकॉम (A LAEGEST NEWS WEBSAIT)
एच -10 ,साईट नंबर -1 ,सिटी सेंटर
ग्वालियर  (मप्र)

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