Tuesday, February 19, 2008

ग्वालियर से तीन नए अखबार

ग्वालियर में तीन नए अखबारों के शुरू होने की सुगवुगाहट है! एक अखबार तो भोपाल बेस्ड " राज एक्सप्रेस " जल्द ही ग्वालियर से शुरू होने वाला है! यूँ उसका ग्वालियर संस्करण छप ही रहा है ! दो और दैनिक अखबार रियल स्टेट में पैसा कमा चुके कुछ नव कुबेर शुरू करने वाले हैं ! जिसमे एक समाचार पत्र का नाम है "B P N TIMES" जबकि दूसरे समाचार पत्र का नाम ''आदित्य राज "बताया जा रहा है !पत्रकार जगत में खूब चर्चा है कि कौन - कौन कहाँ जा रहा है !कुछ भी हो मीडिया से जुड़े लोगो की खूब
बल्ले -बल्ले होने बाली है !

Wednesday, February 13, 2008


एक पत्रकार अभी जीवित है !
पत्रकार - मीडियाकर्मी और नेताओं के बीच के रिश्ते पर एक भयानक त्रासदी है ! जब पत्रकार भ्रष्ट नेता के भ्रष्टाचार की पोल खोलता है तो ! नेता यह बात दबाने के लिए पहले पैसा फेंकता है ! धमकाता है ! नौकरी से निकलवाता है! यदि ये प्रयास सफल नही हुए तो फिर उत्तराखंड के युवा पत्रकार स्व डोभाल की तरह उसे मौत के घाट उतरवाता है ! इसके ख़िलाफ़ साथी पत्रकार पहले एकजुट होते है ! फिर विज्ञापन/ प्रलोभन का तेज झोंका आता है तो वे पीड़ित मृत पत्रकार को ब्लेकमेलर बताते हुए खबरें गढ़ते हैं!
मध्यप्रदेश के गुना में फिर ऐसी कहानी दोहराई गई ! यहाँ एक नेता के खिलाफ गड़बड़ झाला की आवाज बुलंद करने की सजा वहाँ के एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार को जानलेवा हमले के रूप में भुगतना पड़ी ! पत्रकार की इतनी पिटाई की गई की पाँव की हड्डी 18 जगह से टूट गई! डॉ. का मानना है कि यह पत्रकार कभी भी अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पायेगा
दूसरे दिन घटना के विरोध में सभी पत्रकार कलेक्टर से मिले! तीसरे दिन नेता जी ने पत्रकारों को सेट किया! उसके बाद ज्यादातर अखवारों ने छापा दुनिया का सबसे ज्यादा चोर उनका यानी पत्रकारों का ही साथी था ! नेता जी जैसे संत ने तो हमारे तालाब की यही मछली को मारकर तालाब के साफ करके चोथे स्तम्भ पर उपकार ही किया है! बेचारी पुलिस कह रही है कि हमने आरोपी पकड़ लिए है ! फरियादी का क्या ? वे नेता जी का हाथ होने से मना कर रहे हैं अब हम आरोपी कि बात मानेंगे या फरियादी की ! कहो खूब रही न जब चोर कह रहा मैंने चोरी नहीं कि तो भला फरियादी कि क्या विसात कि वह चोर को पकड़वा सके ! आप कहो तो कहो में नहीं कहता कि चोर चोर मोसेरे भाई इसी को कहते हैं !

एक पत्रकार अभी जीवित है !
पत्रकार - मीडियाकर्मी और नेताओं के बीच के रिश्ते पर एक भयानक त्रासदी है ! जब पत्रकार भ्रष्ट नेता के भ्रष्टाचार की पोल खोलता है तो ! नेता यह बात दबाने के लिए पहले पैसा फेंकता है ! धमकाता है ! नौकरी से निकलवाता है! यदि ये प्रयास सफल नही हुए तो फिर उत्तराखंड के युवा पत्रकार स्व डोभाल की तरह उसे मौत के घाट उतरवाता है ! इसके ख़िलाफ़ साथी पत्रकार पहले एकजुट होते है ! फिर विज्ञापन/ प्रलोभन का तेज झोंका आता है तो वे पीड़ित मृत पत्रकार को ब्लेकमेलर बताते हुए खबरें गढ़ते हैं!
मध्यप्रदेश के गुना में फिर ऐसी कहानी दोहराई गई ! यहाँ एक नेता के खिलाफ गड़बड़ झाला की आवाज बुलंद करने की सजा वहाँ के एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार को जानलेवा हमले के रूप में भुगतना पड़ी ! पत्रकार की इतनी पिटाई की गई की पाँव की हड्डी 18 जगह से टूट गई! डॉ. का मानना है कि यह पत्रकार कभी भी अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पायेगा
दूसरे दिन घटना के विरोध में सभी पत्रकार कलेक्टर से मिले! तीसरे दिन नेता जी ने पत्रकारों को सेट किया! उसके बाद ज्यादातर अखवारों ने छापा दुनिया का सबसे ज्यादा चोर उनका यानी पत्रकारों का ही साथी था ! नेता जी जैसे संत ने तो हमारे तालाब की यही मछली को मारकर तालाब के साफ करके चोथे स्तम्भ पर उपकार ही किया है! बेचारी पुलिस कह रही है कि हमने आरोपी पकड़ लिए है ! फरियादी का क्या ? वे नेता जी का हाथ होने से मना कर रहे हैं अब हम आरोपी कि बात मानेंगे या फरियादी की ! कहो खूब रही न जब चोर कह रहा मैंने चोरी नहीं कि तो भला फरियादी कि क्या विसात कि वह चोर को पकड़वा सके ! आप कहो तो कहो में नहीं कहता कि चोर चोर मोसेरे भाई इसी को कहते हैं !

Wednesday, January 30, 2008

चम्बल घाटी तक पहुँची ब्लोगिंग


ब्लोगिंग की गूँज अब "चम्बल घाटी" तक पहुँच चुकी है! ग्वालियर से प्रकाशित नई दुनिया के संपादक श्री राकेश पाठक ने चम्बल घाटी नाम से ब्लॉग पर अपनी अंगुलियों का जादू चला दिया है ! इससे पहले हम सब उनकी कलम का जादू हर रोज समाचार पत्र में पड़ते रहे हैं! उम्मीद है की ये ब्लॉग ब्लॉग पत्रकारिता में मील का पत्थर बनेगा !


हम सभी ब्लॉग पर आने के लिए उन्हें बधाई देते हैं !

पत्रकार प्रशिक्षण कार्यशाला में भडास की चर्चा

संभागीय जनसंपर्क कार्यालय ग्वालियर द्वारा आयोजित पत्रकार प्रशिक्षण कार्यशाला में सबसे महत्वपूर्ण अंग ब्लोगिंग बना! जिस पर नई दुनिया के संपादक श्री राकेश पाठक ने इसे पत्रकारिता का नया आयाम बताया! उन्होंने भड़ास ब्लॉग की तारीफ की वहीं! मोहल्ला, बोल हल्ला जैसे कई ब्लॉग पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण बताएं! इस दोरान उन्होंने फोटो पत्रकारों के लिए तीन पुरुस्कारों की घोषणा की जो फोटो पत्रकारों के लिए ग्वालियर चम्बल संभाग में पहला सराहनीय कदम है! हम उम्मीद करते हैं वह शीघ्र इंटरनेट पत्रकारिता और ब्लोगिंग पर भी कार्यशाला आयोजित कर युवा पत्रकारों का प्रोत्साहन बढाये ! इस कार्यशाला में करीब १५० पत्रकारों के अलावा क्षेत्रीय अखबारों के करीब सभी संपादकों ने भाग लिया!

Monday, January 7, 2008

Bloggers Role Will be Important




2007 was total blogger's years, In that many bloggers make their blogs. There were many comments in favour of blogs & against the blogs. But in my opinion 2008 will be very important year for the bloggers. And comments made by the bloggers were very effective throughout the year. Now media is getting very much connected with the bloggers and we can say that bloggers playing very important role in to the print media & electronic media. We will have to consider that how we can provide service to the bloggers
Ravishekhar